वोटिंग कराने गए कर्मियों को EVM जमा करने से पहले चुनावी ड्यूटी का भुगतान, यहां 10800 कर्मचारियों के खातों में पहुंचे 1.18 करोड़ रुपये
इंदौर.
मध्य प्रदेश में लोकतंत्र के महापर्व में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सरकारी कर्मियों के लिए इस बार का विधानसभा चुनाव खास रहा। वोटिंग कराने के बाद दल वापस लौट रहा था, तभी उनके खातों में चुनावी ड्यूटी का भुगतान शुरू हो गया। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि निर्वाचन में लगे कर्मियों को उसी दिन भुगतान किया गया हो। इंदौर जिला प्रशासन ने मतदान के दिन ही निर्वाचन कार्य में लगे कर्मियों को मानदेय (चुनावी भत्ता) का भुगतान कर दिया। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी की जुदा कार्यशैली से यह संभव हो सका है। 10 हजार से ज्यादा कर्मियों को 1 करोड़ 18 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को वोटिंग कराई गई। अब तक के चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ जब चुनाव वाले दिन ही कर्मचारियों के खाते में उनके मानदेय ट्रांसफर किया गया। शाम 5 बजे तक वोटिंग खत्म हुआ और 6 बजे से खातों में रुपये आने का मैसेज आने लगा। सरकारी कर्मचारी ईवीएम मशीन और अन्य मतदान सामग्री को लेकर वापस नेहरू स्टेडियम पर पहुंचे, उसके पहले उनके खाते में पैसे क्रेडिट हो जाने का संदेश आ गया था। कुछ कर्मियों के खातों में रकम ट्रांसफर का मैसेज नहीं आया। उन्हें जल्द से जल्द दुरूस्त कर रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए हैं।