आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को एम्स प्रशासन का भरोसा, हड़ताल खत्म, 700 ठेका कर्मचारी मंगलवार से थे हड़ताल पर
रायपुर एम्स में कार्यरत लगभग 700 आउटसोर्सिंग(ठेका)
कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को देर शाम खत्म हो गई। वहीं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की माने तो रायपुर एम्स प्रशासन ने सभी ठेका कर्मचारियों को भरोसा दिया कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। पिछले दस से बारह वर्षों से सभी ठेका कर्मियों की मेहनत और संस्थान के प्रति जिम्मेदारी को देखते हुए एम्स संस्थान भी उनके साथ खड़ा है। चर्चा के दौरान एम्स रायपुर के डिप्टी डायरेक्टर लेफ्टिनेंट कुणाल शर्मा, फायनेंस अधिकारी बी आर अग्रवाल, ठेका कर्मचारियों के मुख्य प्रतिनिधि भागीरथी, विनोद सिन्हा, प्रभाकर सोनी सहित काल मी सर्विसेज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान एम्स उपनिदेशक कुणाल शर्मा ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के प्रतिनिधि को इस बात का भरोसा दिलाया की जल्द ही हेल्थ मिनिस्ट्री दिल्ली से पत्राचार कर आपकी मांगों को देखते हुए बेहतर और सुरक्षित विकल्प /निकल जाएगा । हमारी पूरी कोशिश होगी की निर्धारित भर्ती की सीटों को बढ़ाकर सभी ठेका कर्मचारियों की नौकरी को सुरक्षित की जायगी । जिसके आधार पर ठेका कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया है। साथ ही हड़ताल पर बैठे अपने अन्य कर्मचारियों को इस बात का भरोसा भी दिलाया कि यदि आने वाले दिनों में किसी भी प्रकार का एम्स प्रशासन के माध्यम से कर्मचारियों को निकालने के लिए यदि कोई पत्र या प्रक्रिया की गई, दोबारा हड़ताल पर जाने को विवश होंगे । ज्ञात होकि बुधवार को हड़ताल का दूसरा दिन था।
हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो गई थी। हड़ताल स्थल पर ही कई दिव्यांग, सहित महिला कर्मचारी दूध मुह बच्चों को भी लेकर पहुंची थी।
पहले दिन आउटसोर्स कर्मचारी अस्पताल के गेट नंबर 4 पर एक साथ हड़ताल पर बैठ गए थे। जिससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा । जिसके कारण एम्स प्रशासन को ठेका कर्मचारियों के आगे झुकना पड़ा।
ये सारे ठेका कर्मचारी रायपुर एम्स प्रबंधन पर रेगुलर स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के खिलाफ थे। इसके साथ ही उनका कहना है कि, उन्हें बिना कारण हटाने की तैयारी की जा रही है।इसलिए हड़ताल पर थे कर्मचारी
कर्मचारियों का कहना है कि इन्हें हटाकर एम्स प्रबंधन भर्ती प्रक्रिया शुरू कर रेगुलर स्टाफ की भर्ती कर रही है।
नौकरी से निकाले जाने का था डर
ठेका आउटसोर्स के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारी एम्स हॉस्पिटल में पिछले 10-12 सालों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एम्स हॉस्पिटल में एलडीसी, डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्टोर कीपर, वायरमैन, इलेक्ट्रिकल, लैब टेक्नीशियन, लिफ्टमैन, फार्मासिस्ट, ऑपरेशन थियेटर टेक्निशियन जैसे तमाम विभागों में ठेका कर्मचारी काम कर रहे हैं। रेगुलर स्टाफ की भर्ती होने से इनको अपने काम से निकाले जाने का डर भी सताने लगा है। जिसके कारण मंगलवार को एम्स हॉस्पिटल के गेट नंबर 4 पर इन कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया था।